चरखी दादरी : जिले के गांव कसानी निवासी भारतीय सेना के जांबाज जवान रवि प्रकाश मंगलवार को बेंगलुरु में कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हो गए। मंगलवार सुबह सेना के ग्राउंड पर नियमित फिजिकल एक्टिविटी और अभ्यास के दौरान अचानक उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। सेना के अधिकारियों व साथियों ने उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत (martyred in Bengaluru) नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर से गांव कसानी और पूरे जिले में शोक का माहौल व्याप्त हो गया है।
वर्ष 2015 में मद्रास-16 इंजीनियरिंग रेजिमेंट में हुए थे भर्ती, कश्मीर में थी तैनाती
शहीद जवान रवि प्रकाश का सैन्य सफर सेवा, निष्ठा और समर्पण से भरा रहा:
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भर्ती और सेवा: रवि प्रकाश वर्ष 2015 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित मद्रास-16 इंजीनियरिंग रेजिमेंट में भर्ती हुए थे।
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कश्मीर में तैनाती: उनकी मुख्य तैनाती संवेदनशील क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में चल रही थी।
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पदोन्नति प्रशिक्षण: वे पिछले कुछ समय से हवलदार पद पर पदोन्नति के लिए विशेष सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु बेंगलुरु ट्रेनिंग सेंटर में थे।
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परिवार: उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी और एक 8 वर्ष का मासूम बेटा है। बुधवार को उनके पैतृक गांव कसानी में पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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ट्रेनिंग का था आखिरी दिन, वीडियो कॉल पर बेटे और पत्नी से की थी बात
शहीद के पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने भावुक होते हुए बेटे के साथ हुई अंतिम (martyred in Bengaluru) बातचीत का विवरण दिया:
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आखिरी दिन की ट्रेनिंग: पिता ने बताया कि मंगलवार को रवि के कठिन प्रशिक्षण का अंतिम दिन था और इसके तुरंत बाद उन्हें घर छुट्टी आना था।
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वीडियो कॉल पर खुशी: सोमवार रात रवि ने अपनी पत्नी और 8 वर्षीय बेटे से वीडियो कॉल के जरिए बात की थी और खुशी साझा करते हुए कहा था कि उनकी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी हो रही है और वे जल्द ही पदोन्नत होकर घर लौटेंगे।
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