नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
संसद के मानूसन सत्र के समापन के उपरांत आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों, ज्वलंत जनसमस्याओं और आगामी सांगठनिक रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में खरगे ने कहा कि देश का युवा वर्ग आज गंभीर उपेक्षा और हताशा के दौर से गुजर रहा है, जिस पर राष्ट्रव्यापी ध्यान देने की आवश्यकता है।
🌟 राजीव गांधी के विजन का स्मरण: 18 वर्ष में मताधिकार और नवोदय विद्यालयों की नींव
कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर उनके योगदान को याद किया:
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युवा सशक्तिकरण: खरगे ने रेखांकित किया कि राजीव गांधी ने देश की युवा शक्ति को शासन प्रक्रिया में भागीदार बनाने के लिए मतदान (Voting) की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की थी।
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शैक्षणिक नेटवर्क: उन्होंने देश के प्रत्येक जिले में नवोदय विद्यालयों का जाल बिछाया, राष्ट्रीय युवा दिवस की शुरुआत की और राष्ट्रीय शिक्षा नीति में डिग्री के साथ कौशल विकास (Skill Development) को जोड़ा।
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आईटी क्रांति: इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और संचार क्रांति की मजबूत नींव रखी, जिसने 21वीं सदी के आधुनिक भारत को नई ऊर्जा दी।
📉 12 वर्षों में युवाओं का भविष्य प्रभावित, 94 हजार स्कूल बंद होने का आरोप
केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कई आंकड़े और बिंदु रखे:
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स्कूलों की स्थिति: खरगे ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में नए शैक्षणिक संस्थान खुलने के बजाय लगभग 94 हजार स्कूल बंद हो गए हैं और उच्च शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है।
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भर्ती परीक्षाएं व पेपर लीक: उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नियुक्तियों में अत्यधिक देरी से शिक्षित नौजवानों का मनोबल टूट रहा है।
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शिक्षा से रोजगार का रोडमैप: उन्होंने पार्टी नेताओं से आह्वान किया कि कांग्रेस को युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए एक समयबद्ध ‘Education-to-Employment Roadmap’ तैयार कर देश के सामने रखना चाहिए।
🛕 राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर पारदर्शिता की मांग
खरगे ने धार्मिक धरोहरों और जन आस्था से जुड़े विषयों पर भी अपना रुख स्पष्ट किया:
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पारदर्शिता का अभाव: उन्होंने कहा कि आम जनता ने अटूट श्रद्धा के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए दान और बहुमूल्य सामग्री अर्पित की थी, लेकिन हालिया विवादों पर सरकार और शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी संदेह पैदा करती है।
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संपूर्ण हिसाब की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि मंदिर में प्राप्त कुल चढ़ावे, सोने-चांदी और अन्य संपत्तियों का सार्वजनिक व पारदर्शी लेखा-जोखा देश की जनता के सामने रखा जाए।
🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पर स्थिति स्पष्ट करने का आह्वान
देश की सीमाओं की सुरक्षा के संदर्भ में खरगे ने सरकार की जवाबदेही पर बल दिया:
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पारदर्शिता की आवश्यकता: उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन सीमाओं की वास्तविक स्थिति से देश के नागरिकों को अवगत कराना सरकार का लोकतांत्रिक दायित्व है।
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सैनिकों के प्रति सम्मान: उन्होंने भारतीय सेना के जवानों के शौर्य और अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा कि विपक्ष का सवाल सेना से नहीं बल्कि नीतिगत निर्णय लेने वाली सरकार की जवाबदेही से है।
📋 आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर मंथन
बैठक के समापन पर कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ नेताओं से एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया:
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विकल्प और नीतियां: उन्होंने कहा कि कार्यसमिति को देश की समस्याओं के समाधान हेतु ठोस नीतियां और सशक्त विकल्प जनता के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।
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चुनावी तैयारी: आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर पूरी सक्रियता और तत्परता के साथ जुटने के निर्देश दिए गए।


