उज्जैन: सिंहस्थ को भले अभी लंबा समय है, लेकिन उससे पहले एक ऐसी किन्नर अघोरी की कहानी आपको बताते हैं. जिसको लेकर दावा किया जाता है कि वह सबसे कम उम्र में महामंडलेश्वर (lady Aghori of Telangana) नियुक्त की गई. जो एक नहीं अंग्रेजी सहित 18 भाषाओं की ज्ञानी है. देश-दुनिया में भ्रमण करती है, जिसका कार और शमशान ही निवास स्थान है. उनका नाम नंदगिरी किन्नर महामंडलेश्वर है, जो तेलंगाना की निवासी हैं और किन्नर अखाड़े की एक प्रमुख लेडी अघोरी महामंडलेश्वर हैं.

सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर मां काली नंद गिरी

उज्जैन के चक्रतीर्थ शमशान में तंत्र साधना के दौरान किन्नर दिगंबर अघोरी माता से ETV भारत ने चर्चा की. जहां उन्होंने अपना नाम श्री श्री 1008 मां काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता बताया. उनकी उम्र 27 है और वह तेलंगाना के मंचरियाल जिले की रहने वाली हैं.

कैसे जुड़ी किन्नर अखाड़े से

दिगंबर अघोरी माता ने बताया “लगभग 18 वर्षों की मेरी तपस्या का ये परिणाम है. मैंने 6 साल तंत्र साधना सीखी और 12 साल काशी में रही, जहां एक महाराज मिले उन्होंने किन्नर अखाड़े की सती नंद गिरी माता से मिलवाया. चूंकि में शुरू से ही धर्म कर्म के कामों से जुड़ी रही. मैंने तेलंगाना में मंदिर का एक मुद्दा सुलझाने में अपना 100% दिया. मेरे धर्म के ऐसे कई कामों को देख सती नंद गिरी माता के आशीर्वाद से अंतराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की आचार्य डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मिलना हुआ और मैं किन्नर अखाड़े से जुड़ गई.

6 साल तक सीखी तंत्र साधना

उन्होंने बताया भले में तेलंगाना से हूं लेकिन उज्जैन से मेरा गहरा नाता है. अपने से जुड़े सभी भक्तों को में उज्जैन से ही लीड करती हूं. मैंने बचपन में ही माता-पिता को छोड़ सन्यास का जीवन चुन लिया था.  समाज के तानों से तंग आकर मां कामख्या के धाम असम पहुंची, तो वहां मुझे शिक्षक के रूप में गुरु मिले. जिन्होंने 6 साल मुझे तंत्र साधना सिखाई.

18 भाषाओं का ज्ञान

महामंडलेश्वर ने बताया वह कभी स्कूल नहीं गई, लेकिन (lady Aghori of Telangana) देश-दुनिया में भ्रमण के दौरान उन्हें अंग्रेजी भाषा सहित 18 भाषाओं का ज्ञान हो गया. जैसे हिंदी, कन्नड़, तेलगु, तमिल, मलयालम, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, असमिया, मराठी व अन्य.

 

 

 

 

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