नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद, राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को उन पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने पीएम मोदी पर शासन की नाकामियों को छिपाने के लिए बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीधे तौर पर नीट (NEET) विवाद (Kharge vs PM Modi) और राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा।
Kharge vs PM Modi – मीडिया से बात करते हुए, खड़गे ने प्रधानमंत्री के लहजे की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया को राजनीतिक ताने मारने के बजाय ढांचागत समाधानों सामने अपनी विश्वसनीयता साबित करें। आपका वो ’56 इंच का सीना’ कहां गया? आप आज दूसरों की आलोचना करते हैं, लेकिन मैं पूछता हूं: आपने असल में देश के लिए क्या किया है?”
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कांग्रेस अध्यक्ष ने NEET परीक्षा संकट से प्रभावित लाखों छात्रों की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा, “लाखों छात्र परेशान हैं, उन्होंने अपने घर छोड़ दिए हैं और वे पूरी तरह बर्बाद हो रहे हैं। उनकी जिंदगी बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार है? मोदी सरकार और खुद पीएम मोदी।” धार्मिक ट्रस्टों के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के लिए कानून बनाए और अपनों को नामित किया, जहां कथित तौर पर अनियमितताएं हो रही हैं।
‘जब तक वे सत्ता में रहेंगे, देश में खुशहाली नहीं आएगी’
खड़गे ने प्रधानमंत्री पर अपनी कमजोरियों को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा, “किसी भी प्रधानमंत्री को इस तरह बात नहीं करनी चाहिए। हर प्रधानमंत्री समस्याओं को हल करने की बात करता है, न कि ऐसी बातें करता है जिनका बाद में मजाक बने। मैं इस बयान की निंदा करता हूं।” उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मौजूदा नेतृत्व के रहते देश की तरक्की में बाधा आ रही है और जब तक वे सत्ता में रहेंगे, देश में खुशहाली नहीं आ सकती है।


