उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मौसम की मार और भारी बर्फबारी के बीच (Kedarnath Route Landslide) एक बड़ी खबर सामने आई है। लगातार हो रही बारिश, खतरनाक लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और भारी बर्फबारी के चलते विभिन्न ट्रेकिंग दलों के कुल 136 ट्रेकर्स अलग-अलग ऊंचाई वाले इलाकों में फंस गए हैं। इन सभी देश-विदेश के ट्रैकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है और इसके लिए 5 विशेष हेलीकॉप्टरों को उत्तरकाशी में उतार दिया गया है।

 Kedarnath Route Landslide – बचाव टीमें देश और दुनिया के अलग हिस्सों से आए पर्वतारोहियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में दिन-रात एक कर रही हैं। इसके साथ प्रशासन की ओर से रेस्क्यू किए गए लोगों के ठहरने, खाने-पीने और प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) के लिए उचित इंतजाम किए जा रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर्स और उनका सपोर्ट स्टाफ इस संकट में फंसा हुआ है। इन ऊंचाई वाले ट्रेकिंग अभियानों के तहत मुख्य रूप से कालिंदी पास बेस कैंप में मौजूद 18 सदस्य और ऑडेन्स कोल पास बेस कैंप में फंसे 29 सदस्य शामिल हैं।

 केदारनाथ रूट पर चिरबासा के पास फंसे 1,500 तीर्थयात्रियों को SDRF और NDRF ने सुरक्षित निकाला

दूसरी तरफ, अन्य पर्वतारोही और पर्यटक भी पूरी तरह सुरक्षित स्थानों पर रुके हुए हैं, जिन्हें आगे के ट्रेकिंग रूट पर जाने से रोक दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार कंट्रोल रूम से पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी रविवार देर रात अचानक हुए भारी भूस्खलन के कारण चिरबासा के समीप लगभग 1,500 तीर्थयात्री फंस गए थे। सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने तत्परता दिखाते हुए एक बड़ा बचाव अभियान चलाया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड तक सकुशल पहुंचा दिया।

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