Jyoti Gupta Murder: सीतापुर की ज्योति गुप्ता हीरोइन बनने का सपना लेकर घर से निकली थी और दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। जो उसे हीरोइन बनाने के लिए लाया था वह ज्योति के शव को जिला अस्पताल में छोड़कर भाग गया। तीन दिनों तक ज्योति का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में पड़ा रहा। रविवार को घरवालों को सोशल मीडिया के जरिए ज्योति की मौत की सूचना मिली। तो वह लखीमपुर आ गए और शव का पोस्टमार्टम करवाया। ज्योति की मौत की वजह जहर बताया जा रहा है।

सीतापुर जिले के थाना सदना इलाके के गांव हिंडोरा निवासी सुनील गुप्ता की 20 वर्षिय बेटी ज्योति गुप्ता पांच जनवरी को घर से हीरोइन बनने के लिए निकली थी। दो दिनों तक वह कहां रही इसकी जानकारी किसी को नहीं है। सात जनवरी को ज्योति का शव जिला अस्पताल लखीमपुर पाया गया। जो युवक उसे लेकर आया था वह घर का गलत पता लिखाकर भाग गया। ज्योति का शव तीन दिनों तक जिला अस्पताल की मोर्चरी में पड़ा रहा। रविवार को सोशल मीडिया से जानकारी पाकर उसके घरवाले लखीमपुर आ गए। उनका कहना है कि ज्योति पहले भी फिल्मों के सिलसिले में कई कई दिनों तक घर से बाहर रह चुकी थी। इसलिए वह उसकी तलाश नहीं कर रहे थे। घरवालों के मुताबिक आरएन राज नाम का एक युवक उसे घर से लाया था। घरवालों के आ जाने पर पुलिस ने युवती के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा है। प्रथम दृष्टया देखकर लगता है कि युवती की मौत जहर की वजह से हुई है। खबर लिखे जाने तक परिजनों ने पुलिस को भी कोई तहरीर नहीं दी थी। वह युवती का शव लेकर घर चले गए हैं।

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हत्या है या आत्महत्या, स्थिति साफ नहीं
ज्योति गुप्ता की मौत जहर की वजह से हुई है। उसको किसी ने जहर देकर मार दिया या उसने खुद जहर खाकर आत्महत्या की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस ने भी अभी तक जांच शुरू नहीं की है। अगर ज्योति ने आत्महत्या की है तो वह ऐसा क्यों करेगी। घर से निकलने के बाद दो दिनों में ऐसा क्या हो गया कि वह आत्महत्या कर ले। ज्योति दो दिनों तक कहां और किसके साथ रही, यह भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस जब उन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी जिनके साथ वह घर से आई थी। तब कही जाकर उसकी मौत से रहस्य का पर्दा उठेगा।

आखिर लावारिश की तरह क्यों छोड़ दिया गया शव
Jyoti Gupta Murder: ज्योति गुप्ता हीरोइन बनने के लिए घर से निकली थी। वह किसी ऐसे युवक के साथ तो घर से नहीं आई होगी जिसे वह जानती न हो। अगर वह दोस्त के साथ घर से आई थी और किसी बात को लेकर ज्योति ने आत्महत्या कर ली। तो उसका दोस्त आखिर जिला अस्पताल में शव लावारिस की तरह छोड़ कर क्यों चला गया। उसने क्यों ज्योति की मौत के बारे में घरवालों को क्यों नहीं बताया। उसने जिला अस्पताल में युवती के घर का पता क्यों गलत लिखा दिया। जिससे उनकी शिनाख्त में दिक्कत आई। ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनके जवाब अभी मिलना बाकी है।

लखीमपुर कैसे पहुंची ज्योति गुप्ता
परिजनों के अनुसार ज्योति गुप्ता घर से हीरोइन बनने के लिए निकली थी। वह लखीमपुर कैसे आ गई, इसकी जानकारी भी घरवालों के पास नहीं है। लखीमपुर में तो कोई टेलीफिल्म आजकल बन भी नहीं रही तो फिर ज्योति गुप्ता लखीमपुर में क्या कर रही थी। लखीमपुर जिला अस्पताल में ज्योति का शव मिलना इतना तो साफ कर रहा है कि वह जब पांच तारीख को घर से निकली थी तो अपने जानने वालों के साथ लखीमपुर आ गई और यही रह रही थी।

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