उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और गबन की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का पुनर्गठन किया है। नई SIT में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को शामिल किया गया है। नई SIT का नेतृत्व IG किरण एस. करेंगी। उनके साथ अयोध्या के DIG सोमेन वर्मा और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर को सदस्य बनाया गया है। इससे पहले गठित SIT में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और स्पेशल सेक्रेटरी (वित्त) नील रतन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

🏛️ सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद राज्य सरकार ने किया SIT का पुनर्गठन

SIT का पुनर्गठन सुप्रीम कोर्ट के 13 जुलाई के आदेश के बाद किया गया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को वरिष्ठ IPS अधिकारी की अगुवाई में नई SIT गठित करने का निर्देश दिया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह आदेश दिया था। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे।

📋 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी जांच की ताजा स्थिति रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 27 जुलाई को मामले की जांच से जुड़ी स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SIT का पुनर्गठन किया। सूत्रों के मुताबिक नई टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी है।

📹 पिछली SIT ने की थी दान रजिस्टर और CCTV फुटेज की गहन जांच

यह मामला श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन से संबंधित है। इस मामले में जांच कर रही पिछली SIT ने सीसीटीवी फुटेज, दान रजिस्टर, कैश संभालने की प्रक्रियाओं और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की थी। इस दौरान SIT ने मंदिर के कई कर्मचारियों से पूछताछ की थी और एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें मंदिर के चढ़ावे की गिनती और जमा करने में गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा किया गया था।

🚔 पुलिस ने मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार, नकदी व संपत्तियां बरामद

जांच के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और गबन किए गए धन से कथित तौर पर खरीदी गई नकदी, वाहन, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य संपत्तियां बरामद कीं। कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, साथ ही डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की गई।

⚖️ तकनीकी व आपराधिक पहलुओं को देखते हुए गठित हुई IPS अफसरों की नई टीम

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि चोरी से संबंधित मामलों की आपराधिक जांच और तकनीकी जांच अनुभवी पुलिस अधिकारियों द्वारा ज्यादा बेहतर ढंग से की जा सकती है, जिसके बाद वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नेतृत्व में SIT का पुनर्गठन किया गया। अब नई SIT टीम पूरे मामले की जांच करेगी और 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी स्थिति रिपोर्ट पेश करेगी।

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