झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. सत्ताधारी महागठबंधन (झामुमो-कांग्रेस) के अंदर सीट बंटवारे को लेकर चल रही तीखी खटास और कलह के बीच, भारतीय जनता पार्टी ने मौके का फायदा उठाते हुए राज्यसभा की एक सीट पर अपनी जीत (victory on one seat is confirmed) का डंके की चोट पर दावा कर दिया है.
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victory on one seat is confirmed – इसी सिलसिले में रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में शुक्रवार की शाम राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा विधायक दल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपात बैठक बुलाई गई. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में चली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में बिहार से विशेष रूप से आए पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल नारायण सिंह भी शामिल हुए. करीब एक घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में चली इस बैठक में चुनाव जीतने के सभी तकनीकी और राजनैतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई.
81 विधायकों वाले गणित में कमजोर होने के बाद भी जीत का भरोसा
प्रेस वार्ता के दौरान जब मुख्य सचेतक से संख्या बल को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कुल 81 विधायक मतदाता हैं. हालांकि वर्तमान आंकड़ों के लिहाज से भाजपा की स्थिति थोड़ी कमजोर दिखाई दे रही है, लेकिन इसके बावजूद संगठन और केंद्रीय रणनीति को देखते हुए पार्टी को पूर्ण विश्वास है कि उसके प्रत्याशी को जादुई आंकड़ा हासिल होगा और जीत मिलेगी. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा की नजर महागठबंधन के असंतुष्ट विधायकों और क्रॉस वोटिंग पर टिकी हुई है.


