धनबाद। बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड मामले में धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने आरोपी हर्ष सिंह और नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को साक्ष्यों के अभाव में रिहा कर दिया है। अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। बता दें कि रिहा हुए हर्ष सिंह, पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर हैं और दिवंगत कांग्रेस नेता नीरज सिंह के मौसेरे भाई हैं।
💬 “अदालत के फैसले से राहत, लेकिन खुशी अधूरी”: पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह का बयान
अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय से उनके परिवार को मानसिक रूप से बड़ी राहत मिली है, लेकिन यह खुशी अभी पूरी नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पति स्व. नीरज सिंह की निर्मम हत्या से जुड़े मामले में असली न्याय मिलना अभी बाकी है और उनका परिवार न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखता है। पूर्णिमा सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक और व्यक्तिगत द्वेष के तहत उनके परिवार को लगातार निशाना बनाने और झूठे मुकदमों में फंसाकर परेशान करने की साजिशें की जा रही हैं।
🔍 “मेरे पति की हत्या का मामला अलग, दोनों केसों को एक साथ न जोड़ा जाए”: पूर्णिमा सिंह
पूर्णिमा नीरज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व में भी उनके परिवार पर जो आरोप लगाए गए थे, बाद में शिकायतकर्ता पक्ष ने ही मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात स्वीकार की थी।
उन्होंने कहा, “रंजय सिंह हत्याकांड और मेरे पति नीरज सिंह की हत्या का मामला पूरी तरह से अलग-अलग है। इन्हें एक साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मेरे पति की हत्या के मामले में न्याय के लिए हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर कानून के हर दरवाजे तक जाएंगे।”
⚖️ “भगवान के घर देर है अंधेर नहीं”: पूर्णिमा ने दोहराया न्याय व्यवस्था में अपना अटूट विश्वास
पूर्व विधायक ने कहा कि न्याय की प्रक्रिया में समय जरूर लग सकता है, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर पूर्ण विश्वास है कि अंततः जीत सत्य की ही होगी।
उन्होंने कहा, “भगवान के घर में देर है, अंधेर नहीं। हमें पूरा भरोसा है कि मेरे पति नीरज सिंह के साथ निश्चित तौर पर न्याय होगा।” उन्होंने आगे कहा कि अदालत के फैसलों पर अलग-अलग लोगों की अपनी राय हो सकती है, लेकिन वे पूरी मजबूती से कानून और संविधान के साथ खड़ी हैं।

