पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच एक अनुकरणीय पहल करते हुए अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिया है। सीएम ने 2 लाख 70 हजार रुपये का चेक लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सक्षम और समृद्ध नागरिकों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से (Bihar Flood Relief) अंशदान देने की अपील की।
इससे पूर्व शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार में बनी भीषण बाढ़ की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत अभियानों और केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन की जानकारी साझा की। संकट के इस समय में अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए नितिन नबीन ने राज्यसभा सांसद के रूप में 3 महीने के वेतन के बराबर 6,35,000 रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान के रूप में दी।
बिहार के 15 जिले बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ का व्यापक असर देखा जा रहा है, जिससे लग- भग 49.67 लाख की आबादी सीधे (Bihar Flood Relief) तौर पर प्रभावित हुई है। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। प्रशासन द्वारा इन सभी जिलों में राहत सामग्री पहुंचाने और जलजमाव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।


