रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक ग्रामीण घर तक पाइपलाइन और नल के जरिए शुद्ध जल पहुंचाने का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में (Hemant Soren’s big announcement) विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद सहित शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।
Hemant Soren’s big announcement – मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी पेयजल परियोजनाओं के लिए ठेकेदारों का वाट्सएप ग्रुप बनाया जाए ताकि कार्य प्रगति की प्रतिदिन निगरानी हो सके। उन्होंने पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष पहचान कर वहां त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
💧 जल संरक्षण और भू-जल स्तर पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को भविष्य के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
-
-
चापाकल रिचार्ज: अनुपयोगी बोरिंग का उपयोग ‘रिचार्ज पीट’ के रूप में किया जाए ताकि वर्षा जल संचयन हो सके।
-
-
-
जागरूकता अभियान: लोगों को जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए जागरूक किया जाए।
-
-
-
पुरस्कार: प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल करने वाले ग्रामवासियों को विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
-
आंगनबाड़ी और ग्रामीण स्वच्छता
मुख्यमंत्री ने हर आंगनबाड़ी केंद्र में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को शहरों जैसी बेहतर पेयजल सुविधा मिलनी चाहिए। विभाग को निर्देश दिया गया है कि योजनाओं में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और जनता की शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित हो।


