अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्र से धनराशि चोरी होने की खबरों और फैल रही अफवाहों को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। मामले में बढ़ते भ्रम और अलग-अलग (rumor of theft in donation box) तरह की अफवाहों पर विराम लगाने के लिए ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की ‘विशेष जांच दल’ (SIT) से जांच कराने का आधिकारिक अनुरोध किया है।
🔍 ट्रस्ट ने क्यों की SIT जांच की मांग?
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, दान चोरी के मामले को लेकर जनमानस में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
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निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की गहनता से जांच के लिए एक SIT का गठन किया जाए, जो बिना किसी बाहरी दबाव के काम करे।
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पारदर्शिता: जांच प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
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दोषियों पर सख्त कार्रवाई: ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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📢 अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश
अयोध्या राम मंदिर योगी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। राज्य सरकार के पास SIT गठित करने का अधिकार है, इसी कारण ट्रस्ट ने सीधे मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने का (rumor of theft in donation box) आग्रह किया है। ट्रस्ट का मानना है कि अब इस मामले पर चुप रहना ठीक नहीं है, क्योंकि यह आस्था के केंद्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है। SIT की जांच से न केवल सच सामने आएगा, बल्कि भविष्य में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।


