जशपुर। सूरजपुर जिले में हाईवा चालक का रास्ता रोककर पिस्टल से कथित रूप से हवाई फायर करने और डरा-धमकाकर मोबाइल फोन लूटने के संगीन मामले में जशपुर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने आरोपित बीआरसीसी (BRCC) श्यामलाल साहू की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। वहीं, प्रकरण में शामिल दूसरे आरोपित राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक कार्यक्रम समन्वयक (APC) राजेश अंबस्थ को निलंबित कर दिया गया है।
🚗 रामेश्वरमुड़ा जंगल के पास हुई थी वारदात: कार अड़ाकर चालक को धमकाया और की लूटपाट
यह सनसनीखेज घटना 19 सितंबर को सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्रांतर्गत खड़गवां पुलिस चौकी क्षेत्र में रामेश्वरमुड़ा जंगल के पास घटी थी।
पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपित राजेश अंबस्थ और श्यामलाल साहू अपनी निजी कार से किसी काम से अंबिकापुर गए थे। लौटते समय रामेश्वरमुड़ा जंगल के पास उन्होंने अपनी कार को एक हाईवा के आगे अड़ाकर चालक शिव प्रसाद का रास्ता रोक लिया। इसके बाद दोनों ने चालक के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे नीचे उतरने को कहा। जब चालक नीचे नहीं उतरा, तो आरोप है कि उन्होंने पिस्टल निकालकर दो राउंड हवाई फायर किए और चालक को डराकर उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए।
🚓 खड़गवां चौकी में प्राथमिकी दर्ज: आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों भेजे गए जेल
घटना के बाद पीड़ित हाईवा चालक ने खड़गवां पुलिस चौकी पहुँचकर आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(7) तथा आर्म्स एक्ट (Arms Act) की धारा 25, 27 और 30 के तहत मामला दर्ज किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में बताया गया कि श्यामलाल साहू फरसाबहार में संकुल समन्वयक के संविदा पद पर पदस्थ था और वर्तमान में बीआरसीसी का दायित्व संभाल रहा था। उनके इस आचरण को सिविल सेवा आचरण संहिता का घोर उल्लंघन मानते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।
🏫 संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने जारी किया निलंबन आदेश: पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर हुई कार्रवाई
प्रकरण के दूसरे आरोपित राजेश अंबस्थ, जो राजीव गांधी शिक्षा मिशन में सहायक कार्यक्रम समन्वयक (APC) के पद पर कार्यरत थे, के निलंबन का अधिकार शिक्षा विभाग के पास था।
कलेक्टोरेट से अनुशंसा भेजे जाने के बाद संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग (अंबिकापुर संभाग) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
📜 जिला प्रशासन का कड़ा संदेश: आचरण संहिता के उल्लंघन पर बर्दाश्त नहीं होगी अनुशासनहीनता
सूरजपुर पुलिस विभाग द्वारा दोनों शासकीय कर्मचारियों की गिरफ्तारी और मामले का पूरा प्रतिवेदन जशपुर जिला प्रशासन को सौंपा गया था।
पुलिस रिपोर्ट और सिविल सेवा नियमों के आधार पर कलेक्टर रोहित व्यास ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवा में रहते हुए इस तरह का आपराधिक कृत्य और अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस त्वरित और कठोर कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


