जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां डिजिटल दुनिया के ‘परफेक्ट मैच’ ने एक महिला की जिंदगी को नर्क बना दिया। ‘शादी डॉट कॉम’ के जरिए हुई एक मुलाकात ने एक बेगुनाह महिला को ऐसे जालसाज के चंगुल में फंसा दिया, जो खुद को क्राइम ब्रांच का DSP बताकर पिछले पांच वर्षों से उसका शोषण कर रहा था।
फर्जी पहचान और धोखे की शुरुआत
पूरा मामला साल 2020 में शुरू हुआ, जब जबलपुर की एक तलाकशुदा महिला ने पुनर्विवाह के लिए ‘शादी डॉट कॉम’ पर प्रोफाइल बनाया। वहां उसकी मुलाकात मनमीत सिंह गुजराल (निवासी रांझी) से हुई। मनमीत ने खुद को पुलिस विभाग के ‘क्राइम ब्रांच’ में DSP पद पर तैनात बताकर महिला और उसके परिवार का भरोसा जीत लिया। आरोपी इतना शातिर था कि उसने रसूख दिखाने के लिए महिला के परिजनों से मुलाकात भी की।
सुनसान जगह ले जाकर बनाया वीडियो, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
पीड़िता के अनुसार, एक दिन आरोपी उसे गौरीघाट क्षेत्र में अपना घर दिखाने के बहाने ले गया और वहां उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने चोरी-छिपे महिला के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इन्हीं वीडियो के आधार पर पिछले 5 सालों से वह महिला को डरा-धमकाकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
एक नहीं, कई लड़कियां निशाने पर
शिकायत में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि आरोपी के पास कई अन्य लड़कियों की भी आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है। वह इन वीडियो को अपने कंप्यूटर और मोबाइल में सुरक्षित रखता था ताकि ब्लैकमेल कर सके। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी पुराना है और उसने 2024 में एक अन्य युवती से शादी भी कर ली है।
पुलिस का एक्शन: जांच के निर्देश
लगातार प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने एसपी ऑफिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। DSP हेडक्वार्टर भगत सिंह गौठरिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
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जांच शुरू: थाना प्रभारी कैंट को मामले की गहराई से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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फर्जी पहचान: प्रारंभिक जांच में आरोपी की पहचान फर्जी पाई गई है।
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इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: पुलिस आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त करने और अन्य पीड़ित महिलाओं का पता लगाने में जुटी है।


