सीहोर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने अपने सीहोर प्रवास के दौरान भाजपा और दलबदलू नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर (those who change sides will be annihilated) भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए नेताओं की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिद्धांतों को बेचकर सत्ता की गोद में बैठने वालों का “सत्यानाश” होना तय है।
दलबदलू नेताओं को दी ‘राजनीतिक अंत’ की चेतावनी
दिग्विजय सिंह ने विशेष रूप से उन सांसदों को निशाने पर लिया जिन्होंने हाल ही में पाला बदला है। उन्होंने कहा:
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“जो नेता अपनी विचारधारा छोड़कर सत्ता के लालच में भाजपा में गए हैं, उनका राजनीतिक भविष्य कभी स्थायी नहीं होगा।”
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता सब देख रही है और अपनी निष्ठा बदलने वालों का अंत कभी अच्छा नहीं होता।
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महिला आरक्षण पर केंद्र को घेरा: “नीयत साफ नहीं”
महिला आरक्षण बिल को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने इसे केवल एक ‘चुनावी स्टंट’ करार देते हुए कहा:
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विलंब पर सवाल: यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, तो इसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया जा रहा? जनगणना और परिसीमन के बहाने इसे टाला जा रहा है।
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यूपी चुनाव की चुनौती: दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया कि अगर सरकार की नीयत साफ है, तो इस कानून की शुरुआत आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ही कर देनी चाहिए।
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भाजपा पर ‘लोकतंत्र को कमजोर’ करने का आरोप
सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों के नेताओं को प्रलोभन या प्रभाव में लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति आज सेवा के बजाय केवल सत्ता (those who change sides will be annihilated) हथियाने का माध्यम बनकर रह गई है, जो लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है।


