इंदौर: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाइयों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता नजर आ रहा है। पहले जहां नाना पटवारी के तार ड्रग्स तस्कर व गैम्बलिंग मामले से जुड़े, तो वहीं अब जीतू पटवारी के एक और भाई भरत पटवारी को शुक्रवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया। तकरीबन 4 से 5 घंटे तक पुलिस ने भरत पटवारी (crackdown on Jeetu Patwari’s brothers) से पूछताछ की और उसके बाद उन्हें थाने से छोड़ दिया गया है।

crackdown on Jeetu Patwari’s brothers – कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी से पूछताछ के मामले पर डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने कहा, ”9 जुलाई को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत इरफान खान और संजय कौशल को गिरफ्तार किया गया था, उसके बाद इस पूरे मामले में नाना पटवारी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस की जांच लगातार जारी है और ड्रग्स के साथ ही ऑनलाइन सट्टे और अब जमीन से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामले में भी पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में पुलिस को भरत पटवारी के मामले में कुछ जानकारियां मिली थीं, उसी के चलते पुलिस ने भरत पटवारी को पूछताछ के लिए बुलाया था।”

 ड्रग्स और गैम्बलिंग के बाद रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े कनेक्शन 

डीसीपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान भरत पटवारी से उनकी विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों के बारे में जानकारी ली गई। भरत पटवारी और सुमित मंत्री ‘क्रश प्रायर’ नामक कंपनी के डायरेक्टर हैं। इस कंपनी और उससे जुड़े दस्तावेजों के लिए भरत पटवारी को तलब किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि पटवारी से जुड़े रियल एस्टेट फर्म द्वारा 2010 में सुमित मंत्री को एक जमीन बेची गई थी। बाद में इसका डेवलपमेंट का कामकाज ‘कृष्णानंद डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से किया गया था और इसके डायरेक्टर नाना पटवारी और भरत पटवारी थे।

  
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