इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र स्थित राजनगर में एक ऑटो चालक विजय राव की हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी और मातम का माहौल है। यह दुखद हादसा उस समय हुआ जब विजय राव अपने घर के पास आए हाथी को अपने हाथों से बड़े प्यार से गुड़ खिला रहे थे। उसी दौरान हाथी अचानक बेकाबू होकर आक्रामक हो गया और उसने विजय पर हमला कर दिया।
🐘 सूंड से पटकने के बाद पैरों से कुचला, मौके पर मची भगदड़ और अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रामक हुए हाथी ने विजय राव को अपनी सूंड में लपेटकर उठाकर हवा में लहराया और जोर से जमीन पर पटक दिया। इसके बाद हाथी ने उन्हें अपने भारी-भरकम पैरों से निर्ममता से कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना घटते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग डर और दहशत के मारे इधर-उधर भागने लगे।
बताया जा रहा है कि हाथी को किसी स्थानीय धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में इलाके में लाया गया था। हादसे के तुरंत बाद हाथी के महावत ने उसे किसी तरह काबू में करने का प्रयास किया। स्थानीय निवासियों की मदद से गंभीर रूप से घायल विजय राव को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
📹 सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस, सुरक्षा मानकों और नियमों की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है, जिसमें यह पूरी दुखद घटना कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हाथी को घनी आबादी वाले सार्वजनिक क्षेत्र में लाने के दौरान सुरक्षा मानकों, वन्यजीव नियमों और आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि शांत दिख रहा हाथी अचानक आक्रामक क्यों हुआ और क्या महावत या आयोजकों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी।
⚖️ नियमों के उल्लंघन पर महावत और जिम्मेदार लोगों पर दर्ज होगी प्राथमिकी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही या वन्यजीव सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो हाथी के महावत समेत अन्य सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले के हर कानूनी और सुरक्षात्मक पहलू की निष्पक्ष जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे राजनगर इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि धार्मिक आयोजनों में हाथियों जैसे बड़े और भारी वन्यजीवों को रिहायशी आबादी वाले क्षेत्रों में लाने से पहले सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


