भोपाल/खंडवा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में घटी दुखद सेप्टिक टैंक दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुर्घटना की जवाबदेही तय कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस संपूर्ण प्रकरण की उच्चस्तरीय विभागीय जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक दुर्घटना में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही विभागीय जांच में दोषी पाए जाने वालों को सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने दोहराया कि राज्य सरकार के लिए आमजन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नोडल अधिकारी एवं उपयंत्री सुरेश चंद्र पाटीदार को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी कर दिया गया है।

🚧 ‘घाटों और सीवर चैंबरों का तुरंत हो सर्वे’, सीएम ने जिला प्रशासन और नगर परिषद को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर के नर्मदा घाटों पर गंदगी और सीवेज न गिरे, इसके लिए हर संभव पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला प्रशासन और स्थानीय नगर परिषद को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी घाटों और संभावित खतरनाक स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड और पुलिस तथा होमगार्ड के जवानों की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए।

क्षेत्र के सभी सीवर चैंबरों का त्वरित सर्वे कर उनके टूटे-फूटे या क्षतिग्रस्त ढक्कन तुरंत बदले जाएं और सभी प्रकार के आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम अपनाए जाएं, क्योंकि इस प्रकार की हृदय विदारक घटना की पुनरावृत्ति न होना पूरी तरह जिला प्रशासन का प्राथमिक दायित्व है।

💔 3 वर्षीय बालक की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से हुई थी दुखद मौत, मलबे से सरिया-लोहा निकालने पर खुला रह गया था टैंक

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र स्थित एक धर्मशाला परिसर में नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के उपरांत सुरक्षा के दृष्टिगत मलबे को यथा स्थान रखा गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

लेकिन अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा मलबे से लोहा, सरिया और भंगार सामग्री निकालने की होड़ में सेप्टिक टैंक के ढक्कन को क्षतिग्रस्त कर उसे खुला छोड़ दिया गया था। इसी स्थिति में खेलते समय एक मासूम तीन वर्षीय बालक खुले सेप्टिक टैंक में गिर गया, जिससे उसकी अस्पताल ले जाने के दौरान अत्यंत दुखद मृत्यु हो गई।

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