इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और वर्तमान राजनीतिक हालात को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जमकर निशाना साधा। पटवारी ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में सस्ती और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उनके पास अब शासन के सिर्फ 800 दिन ही बचे हैं, इसलिए वे कुर्सी की राजनीति छोड़ जनता से जुड़े असली मुद्दों पर काम करें। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में छात्रों और अभिभावकों को जोड़कर ‘छात्रों की गूंज’ नामक विशेष अभियान आयोजित करेगी।
⏳ “भाजपा नेता ही आपको धक्का मारने में लगे हैं”: पटवारी ने मुख्यमंत्री को दी सीधी नसीहत
पत्रकार वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा, “यादव जी, आपसे विनम्र प्रार्थना है कि प्रदेश के युवाओं को सस्ती एजुकेशन दिलाना आपकी प्राथमिक जवाबदारी है। आपके पास केवल 800 दिन बचे हैं और इस बीच आपकी अपनी ही पार्टी यानी भाजपा के नेता आपको कुर्सी से हटाने और धक्का मारने में लगे हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को बिना समय गंवाए शिक्षा और युवाओं के हित में ठोस काम करना चाहिए, क्योंकि सत्ता और कुर्सी के ये दिन कब बीत जाएंगे, इसका पता भी नहीं चलेगा।
📢 हर जिले में आयोजित होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम: बिना किसी राजनीतिक बैनर के जुड़ेंगे छात्र और अभिभावक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इस आयोजन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस के बैनर तले आयोजित नहीं होगा। इसमें आम अभिभावकों और छात्रों का सीधा सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अब बहानेबाजी बंद करे और छात्रों व युवाओं से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर काम करना शुरू करे।
🎭 मिमिक्री विवाद पर जीतू पटवारी की सफाई: “किसी का अपमान करना उद्देश्य नहीं, यह सिर्फ मनोरंजन है”
हालिया राजनीतिक आयोजनों में मिमिक्री को लेकर उठे विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अथवा अन्य कार्यक्रमों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का अपमान करना या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मंच पर कोई मिमिक्री आर्टिस्ट प्रस्तुतियाँ देता है, तो वह केवल उपस्थित दर्शकों के हल्के-फुल्के मनोरंजन के लिए होता है। इसे किसी अन्य राजनीतिक या व्यक्तिगत रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।


