नई दिल्ली: रविवार, 1 नवंबर 2026 को देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध रामलीला मैदान में ‘इंडिया गठबंधन’ (INDIA Bloc) की ओर से एक विशाल और मेगा रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान मैदान में लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। हालांकि, इस महारैली के आयोजन से ठीक पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी, जो रैली संपन्न होने के बाद अब और अधिक तेज हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी इस रैली को पूरी तरह फ्लॉप करार दे रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी का यह दावा है कि इस रैली को असफल बनाने के लिए रचा गया बीजेपी का पूरा प्रोपेगेंडा और दुष्प्रचार बुरी तरह विफल हो गया है।
जयराम रमेश का सोशल मीडिया पर तीखा हमला, कहा— बीजेपी ने व्यापारियों के नुकसान का झूठा डर फैलाकर लोगों को रोकने की रची थी साजिश
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए दावा किया कि बीजेपी ने इंडिया गठबंधन की इस महारैली को बदनाम करने तथा देश के विभिन्न कोनों से लोगों को दिल्ली आने से रोकने के लिए यह झूठा डर फैलाया था कि इससे व्यापारियों का भारी नुकसान होगा और बाजार बंद रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब देश भर से हजारों लोग दिल्ली पहुंचेंगे, तो वे खरीदारी भी करेंगे, जिससे अंततः दिल्ली के स्थानीय कारोबारियों और दुकानदारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ ही पहुंचेगा।
‘बीजेपी का पूरा प्रोपेगेंडा पूरी तरह पंक्चर हो गया’, महारैली को लेकर कांग्रेस महासचिव का कड़ा बयान
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि ‘बीजेपी का पूरा प्रोपेगेंडा पंक्चर हो गया है!’ उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन की इस रैली को विफल करने के लिए बाजार बंद रहने का झूठा नैरेटिव गढ़ा गया था, लेकिन आम जनता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि हर कोई इस सामान्य सी बात को समझ सकता है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोग खरीदारी भी करते हैं, जिससे दिल्ली के व्यापारियों को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से बड़ा फायदा मिलता है।
‘असली मुद्दों और चुनाव आयोग की जवाबदेही से ध्यान भटकाना था मकसद’, जयराम रमेश ने बीजेपी पर लगाया जनता को बरगलाने का आरोप
कांग्रेस नेता ने कड़े शब्दों में कहा कि बीजेपी द्वारा गढ़े गए इस पूरी तरह झूठे और तर्कहीन दुष्प्रचार का मुख्य मकसद केवल एक था— चुनाव आयोग की जवाबदेही और अन्य गंभीर मुद्दों से देश का ध्यान भटकाना तथा लोगों को इस महारैली में शामिल होने से हतोत्साहित करना। लेकिन, इसके विपरीत हुआ यह कि जनता ने इस साजिश को भांप लिया और तमाम बाधाओं को दरकिनार करते हुए रैली में अपनी भारी उपस्थिति दर्ज कराई।
दिल्ली की जनता और देशवासियों ने अपने तरीके से दिया दुष्प्रचार का करारा जवाब, बाजारों में जमकर हुई खरीदारी
जयराम रमेश ने आगे कहा कि दिल्ली की स्थानीय जनता और देश के अलग-अलग कोनों से आए नागरिकों ने इस भ्रामक दुष्प्रचार का जवाब अपने अनूठे और सकारात्मक तरीके से दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अपील का असर यह रहा कि लोगों ने दिल्ली के विभिन्न बाजारों में जाकर जमकर खरीदारी की। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में न सिर्फ दुकानें खुली रहीं, बल्कि व्यापार भी बहुत अच्छा हुआ। इसके अलावा, आम लोगों ने छोटे-छोटे दुकानदारों, पटरी पर सामान बेचने वालों और रेहड़ी-पटरी वालों से भी खुलकर खरीदारी की, और मीडिया रिपोर्ट्स खुद इस बात की गवाही दे रही हैं कि बीजेपी का वह झूठा नैरेटिव पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
दिल्ली के व्यापारियों और नागरिकों का जताया आभार, कहा— लोकतांत्रिक विरोध के साथ स्थानीय कारोबार का भी हुआ समर्थन
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दिल्ली के तमाम व्यापारियों, दुकानदारों और देश भर से आए नागरिकों के प्रति अपना दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने इस अपील को अपनाया और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और कारोबार का भी पूरा समर्थन किया।
‘लोकतंत्र की आवाज को डर और दुष्प्रचार से नहीं दबाया जा सकता’, केंद्र सरकार पर जमकर बरसे कांग्रेस नेता
अपने बयान के अंत में कड़ा रुख अपनाते हुए जयराम रमेश ने कहा कि बीजेपी को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि लोकतंत्र की बुलंद आवाज को न तो किसी डर के बल पर और न ही किसी झूठे दुष्प्रचार के सहारे दबाया जा सकता है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता इनकी इन सभी हरकतों को पिछले 12 सालों से बहुत करीब से देख रही है और अब वे इनके किसी भी झांसे में आने वाली नहीं है। देश की जागरूक जनता अपने वोट के अधिकार की भी पूरी रक्षा करेगी, अपने कारोबार को भी सुचारू रूप से चलाएगी और सत्ता से पूरी जवाबदेही भी मांगकर रहेगी।


