ग्रेटर नोएडा: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर ग्रेटर नोएडा से एक अत्यंत मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक प्रतिष्ठित आवासीय सोसायटी में 23वीं मंजिल की बालकनी से नीचे गिरकर अपने पति और मासूम बेटे की अकाल मृत्यु से पूरी तरह टूट चुकी महिला ने आखिरकार उसी बालकनी से कूदकर अपनी जान देने का प्रयास किया। गनीमत यह रही कि समय रहते वहां मौजूद अन्य फ्लैटधारकों और सोसायटी के सतर्क निवासियों की नजर उस पर पड़ गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई और महिला की जान बचा ली गई। इस दोहरे हादसे के बाद से पीड़ित महिला का रो-रोकर बेहद बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे रणदीप, दिल्ली में केंद्रीय सचिवालय में थे सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले रणदीप और उनकी धर्मपत्नी अमृता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय सचिवालय में प्रतिष्ठित सेक्शन ऑफिसर (Section Officer) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। यह पूरा परिवार ग्रेटर नोएडा वेस्ट के अंतर्गत आने वाली लोकप्रिय ‘महागुन मायवुड्स’ सोसायटी की एक आवासीय बहुमंजिला इमारत की 23वीं मंजिल पर निवास करता था। शुक्रवार की सुबह जब रणदीप और उनका प्यारा बेटा आरव बालकनी में खड़े होकर फूल तोड़ रहे थे, तभी अचानक पैर फिसलने के कारण दोनों नीचे जमीन पर आ गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए जाने वाला था परिवार, सुबह की एक छोटी सी गलती ने उजाड़ दिया पूरा हंसता-खेलता घर
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और परिजनों के बयानों के आधार पर अमृता ने इस खौफनाक हादसे की पूरी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार के रोज इस पूरे परिवार को प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ‘खाटू श्याम जी’ के दर्शन के लिए प्रस्थान करना था। इसी यात्रा की तैयारी और पूजा-पाठ के वास्ते उनके पति तथा बेटे सुबह सवेरे ही जल्दी उठ गए थे और बालकनी में जाकर फूल तोड़ने लगे थे। इसी दौरान अचानक सीढ़ी या पैर फिसलने की वजह से यह दिल दहला देने वाली दुर्घटना घटित हो गई। इस आकस्मिक त्रासदी के बाद से अमृता की मानसिक स्थिति बेहद विक्षिप्त हो चुकी है और वह बार-बार अशुद्ध होकर बेहोश हो रही हैं, तथा होश में आते ही केवल अपने पति व बेटे का नाम पुकारकर दहाड़ें मारकर रो रही हैं।
शुक्रवार शाम को होश आने पर फिर बालकनी की तरफ दौड़ीं अमृता, सतर्क पड़ोसियों ने बचाई जान
घटना के कुछ घंटों बाद शुक्रवार की शाम को जब अमृता की बेहोशी टूटी, तो वे अचानक हड़बड़ाकर उठीं और अपने पति व बेटे को आवाज लगाते हुए सीधे बालकनी की तरफ तेजी से दौड़ पड़ीं। वह उसी मनहूस बालकनी से नीचे छलांग लगाने ही वाली थीं कि वहां सांत्वना देने पहुँचे सोसायटी के अन्य लोगों और रिश्तेदारों ने उनकी इस हरकत को देख लिया और तत्परता दिखाते हुए उन्हें मजबूती से दबोच लिया। इस दुखद हादसे के बाद उनके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है और रिश्तेदार उन्हें किसी तरह ढांढस बंधा रहे हैं। उधर, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पूरे मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है तथा शनिवार को दोनों मृतकों (पिता और पुत्र) के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


