ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और योग का विशेष महत्व होता है. जब ग्रह अपनी स्थिति बदलते हैं तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ता है. इसी कड़ी में अक्टूबर 2025 में वैभव और ऐश्वर्य के दाता शुक्र ग्रह अपनी नीच राशि कन्या में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जिससे नीचभंग राजयोग का निर्माण होगा, जो (lowly Rajyog) बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है. यह योग कई राशियों को लाभ देगा, लेकिन खासतौर पर मिथुन, मकर और धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्य चमकाने वाला साबित हो सकता है.
क्या है नीचभंग राजयोग?
ज्योतिष में जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में होता है तो उसे कमजोर माना जाता है. लेकिन यदि उसके साथ कोई अन्य उच्च ग्रह या उसी नीच राशि का स्वामी ग्रह भी उसी भाव में स्थित हो, तो यह नीचभंग राजयोग बनाता है. इस (lowly Rajyog) योग के बनने से जातक को अचानक से भाग्य का साथ मिलने लगता है, धन, यश, मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए, नीचभंग राजयोग विशेष रूप से फलदायी साबित होगा. यह योग आपकी कुंडली के चौथे भाव में बन रहा है, जिसे सुख, माता और भूमि का भाव माना जाता है.
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यह योग उनकी कुंडली के दसवें भाव में बन रहा है, जो कर्म, पद और प्रसिद्धि का भाव होता है. इस राजयोग के प्रभाव से आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी.
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए यह राजयोग उनकी कुंडली के नौवें भाव में बन रहा है, जिसे भाग्य और धर्म का भाव माना जाता है. इस योग के प्रभाव से आपका भाग्य आपका पूरा साथ देगा.

