यूक्रेन संकट पर PM मोदी ने हाई लेवल मीटिंग (high level meeting) बुलाई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार कुछ केंद्रीय मंत्री भारतीयों की निकासी में समन्वय के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों में जा सकते हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह शामिल हैं। निकासी मिशन के दौरान ये लोग समन्वय और छात्रों की मदद को लेकर सहयोग करेंगे।
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रूसी हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की कवायद के बीच पीएम मोदी ने रविवार को उच्च स्तरीय बैठक पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा और उनकी जल्द वापसी सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
High Level Meeting – पीएम मोदी ने रविवार को भी एक हाई लेवल मीटिंग की थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि उक्त बैठक दो घंटे से भी लंबी चली। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार से लौटने के तत्काल बाद इस बैठक की अध्यक्षता की।
भारत से राजनीतिक समर्थन मांगा ज्ञात हो कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर पैदा हुई वैश्विक स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पिछले दिनों बात की थी और हिंसा रोकने और वार्ता शुरू करने की अपील की थी। इसके बाद शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मोदी से बातचीत की और अपने देश के खिलाफ रूस के सैन्य हमले को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत से राजनीतिक समर्थन मांगा।
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ऑपरेशन गंगा उधर विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने में मदद करने के लिए रविवार को एक आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘ऑपगंगा हेल्पलाइन’ की शुरुआत की। यूक्रेन में फंसे हुए भारतीयों को वापस लाने के अभियान को ‘ऑपरेशन गंगा’ नाम दिया गया है। भारत ने पहले ही पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाकिया में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं ताकि इन देशों से लगने वाली यूक्रेन की सीमा से जरिए भारतीयों को निकाला जा सके।

