रांचीः हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन के इनपुट पर हजारीबाग-चतरा बॉर्डर से नक्सलियों का सफाया हो गया. पुलिस मुख्यालय के अनुसार शुक्रवार को हुए एनकाउंटर के बाद पारसनाथ की (large group of naxalites eliminated) पहाड़ियों से लेकर हजारीबाग के चतरा के संघरी घाटी और कुंदा के जंगलों में माओवादियों द्वारा खींची गई लाल रेखा मिट गई है.
large group of naxalites eliminated – पुलिस मुख्यालय के द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज और आईजी सीआरपीएफ के अनुसार, झारखंड का एक बड़ा इलाका नक्सली मुक्त हो चुका है. आईजी के अनुसार 17 अप्रैल की दोपहर 1 बजे हजारीबाग के केरेडारी के खपिया जंगलों में माओवादी दस्ते के साथ कोबरा बटालियन की जबरदस्त मुठभेड़ हुई.
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जवाबी कार्रवाई करते कोबरा और झारखंड पुलिस के जवानों अदम्य साहस का परिचय देते हुए चार नक्सलियों को ढेर कर दिया. करीब एक घंटे तक दोतरफा फायरिंग के बाद इलाके में जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो झारखंड के एक बड़े इलाके से नक्सलियों के आतंक से आजादी की खबर की जंगल की आग की तरह फैली. इस सर्च के दौरान अब तक 04 मृत शरीर, 04 हथियार एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किए गए हैं.
सभी नक्सलियों की हुई पहचान
आईजी सीआरपीएफ साकेत सिंह के अनुसार मुठभेड़ के दौरान मार नक्सलियों की पहचान की गई तो पता चला कि रिजनल कमेटी का सहदेव महतो भी ढेर हो चुका है. सहदेव महतो पर 15 लाख रुपए का इनाम था. इसके साथ ही रंजीत गंझू जो जोनल कमेटी का सदस्य था उस पर 10 लाख का इनाम था. पुलिस को जोनल कमेटी की सदस्य नताशा का शव भी मिला है. नताशा महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली थी. जबकि चतरा का रहने वाला बुधन करमाली का शव भी बरामद हुआ. इस पर भी एक लाख का इनाम था.
