यमुनानगर : दामला क्षेत्र में लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़क के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर किसानों के विरोध का असर आखिरकार राज्य सरकार तक पहुंच गया। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा (farmers anger over broken road) मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने के स्पष्ट ऐलान के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था।
farmers anger over broken road – हालांकि, किसी भी संभावित गतिरोध या टकराव से पहले ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्वयं किसान संगठन के कार्यालय पर अपना काफिला रुकवा लिया। उन्होंने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और टूटी सड़क का निर्माण अविलंब शुरू कराने का ठोस भरोसा दिया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने चेतावनी दी थी कि दामला क्षेत्र से गुजरते समय मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर उन्हें क्षेत्र की जर्जर सड़क की हकीकत से रूबरू कराया जाएगा। किसानों के इस ऐलान के तुरंत बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। डीएसपी सुनील कुमार की अगुवाई में कई थानों की पुलिस टीम ने भाकियू के कार्यालय के बाहर सुरक्षा घेरा बना लिया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या मार्ग अवरोध से बचा जा सके।
किसानों के बीच सीधे पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जैसे ही किसानों के विरोध और सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी संकोच के अपना काफिला रुकवाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री सीधे (farmers anger over broken road) भाकियू कार्यालय के भीतर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठकर संवाद किया। किसानों की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को सड़क के नवनिर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।


