हरियाणा की करनाल शुगर मिल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का लोहा मनवाया है. करनाल शुगर मिल को लगातार चौथे वर्ष तकनीकी दक्षता और गन्ना विकास में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. नई दिल्ली के डॉक्टर अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक भव्य मेगा ट्रिपल इवेंट के दौरान यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया, जिससे पूरे प्रदेश और किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
🤝 2. केंद्रीय मंत्रियों ने प्रबंध निदेशक अदिति और डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा को सौंपी ट्रॉफी, ISO 9001:2015 से भी हुई सम्मानित
नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने करनाल शुगर मिल के उपायुक्त एवं अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा और प्रबंध निदेशक (MD) अदिति को यह प्रतिष्ठित ट्रॉफियां भेंट कीं. एमडी अदिति ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए मिल को गुणवत्ता आश्वासन के अंतरराष्ट्रीय मानक ISO 9001:2015 से भी नवाजा गया है, जो पिछले 15 वर्षों में यह सम्मान पाने वाली हरियाणा की पहली मिल है.
📈 3. 48.10 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई और 22.67 करोड़ रुपये की बिजली बेचकर मिल ने दर्ज की शानदार सफलता
पिछले पिराई सत्र (2024-25) के दौरान करनाल शुगर मिल ने 98.55 प्रतिशत की उच्चतम क्षमता उपयोग के साथ कुल 48.10 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की और 4.55 लाख क्विंटल रिफाइंड चीनी का उत्पादन किया. इसके अलावा, मिल ने पावर टरबाइन की पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए 22.67 करोड़ रुपये की बिजली भी बेची. वर्ष 1976 में स्थापित और आधुनिक 3500 टीसीडी क्षमता वाली यह मिल सल्फर-मुक्त रिफाइंड चीनी का उत्पादन करते हुए पिछले तीन वर्षों से लगातार मुनाफे में चल रही है और अपने स्रोतों से गन्ने का भुगतान कर रही है.


