हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर किसान और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं. मंगलवार को प्रशासन और किसान नेताओं के बीच दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका. प्रशासन ने 25-26 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू करने का प्रस्ताव रखा, जिसे भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने ठुकरा दिया और खरीद तुरंत शुरू करने की मांग पर अड़े रहे.
⛺ 2. शाहाबाद-बराड़ा हाईवे पर डटे रहे किसान, रात में लगाए गए कूलर; आज बुलाई गई महापंचायत में तय होगी अगली रणनीति
मंगलवार रात भर किसान शाहाबाद-बराड़ा स्टेट हाईवे-4 पर ही धरने पर बैठे रहे. भीषण गर्मी को देखते हुए सड़क पर ही लंगर और कूलर की व्यवस्था की गई. कई किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों में अपनी रात गुजारी. स्थिति को देखते हुए आज गुरनाम सिंह चढूनी ने एक बड़ी किसान महापंचायत बुलाई है, जिसमें कल हुई प्रशासनिक बातचीत, पुलिस टकराव और आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और अन्य संगठनों को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है.
🤝 3. बीकेयू टिकैत ग्रुप का मिला पूरा समर्थन, पोर्टल वेरिफिकेशन और प्रशासनिक देरी पर भी उठे गंभीर सवाल
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने चढूनी ग्रुप को समर्थन देते हुए कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ना बेहद निंदनीय है, जबकि किसान केवल अपनी फसल की सरकारी खरीद की मांग कर रहे हैं. किसानों का यह भी आरोप है कि धान खरीद के लिए जरूरी पोर्टल वेरिफिकेशन में जानबूझकर देरी की गई है. दूसरी ओर, कुरुक्षेत्र के डीसी विश्राम कुमार मीणा ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलते ही जल्द से जल्द खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.


