हिंदू धर्म में हर पर्व, व्रत त्योहार का अपना अलग और विशेष महत्व है. हर साल हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता-पार्वती की पूजा (Hartalika Teej Fast) अर्चना की जाती है. यह व्रत सुखी दांपत्य जीवन और संतान की प्राप्ति के लिए रखा जाता है.हरतालिका तीज की पूजा सही समय पर करना जरूरी होता है. इस दिन पूजा शुभ मुहूर्त में की जाए तो उसका फल अधिक प्राप्त होता है. इस व्रत की पूजा को सुबह के समय किया जाता है.
- प्रातःकाल हरितालिका पूजा मुहूर्त सुबह 5 बजकर 56 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. जिसकी कुल अवधि 02 घण्टे 35 मिनट्स रहेगी.
Hartalika Teej Fast – हरतालिका व्रत के दिन अगर किसी कारण आप सुबह के पूजन मुहूर्त में पूजा-अर्चना नहीं कर पाते तो आप शाम को प्रदोष काल में इस व्रत की पूजा कर सकते हैं. तीज की पूजा के समय नए व सुन्दर वस्त्र पहने. इस दिन रेत या बालू से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा की विधिवत पूजा करें.
हरतालिका तीज 2025 पूजा सामग्री लिस्ट
- हरतालिका तीज की पूजा के लिए घी, दीपक, धूपबत्ती, फल, फूल लाएं.
- इस दिन रेत से भगवान शिव और माता-पार्वती की मूर्ति बनाएं.
- कपूर, पान भगवान को अर्पित करें.
- भोग के लिए केले लाएं.
- बेल के पत्ते, कलश, धतूरा, आम के पत्ते, केले के पत्ते, चौकी, शमी के पत्ते पूजा साथ पर रखें.
- कुमकुम, सूखा नारियल, गुलाल, पंचामृत, कलावा, इत्र, चंदन आदि चीजें लाएं.
- 16 श्रृंगार का सामान पूजा स्थान पर रखें.
हरतालिका तीज के व्रत के दिन विधि-विधान से पूजा, हरतालिका व्रत की कथा और आरती कर श्रृंगार का सामान मां पार्वती को अर्पित करें और अखंड सौभाग्य की कामना करें.

