गाजा पीस बोर्ड गठन के तुरंत बाद हमास ने अमेरिका के साथ एक और डील की है. इसके तहत हमास के आतंकी हथियार छोड़कर फिलिस्तीन की राजनीति में प्रवेश करेंगे. यह पहली बार है, जब अमेरिका ने (Gaza Peace Deal) हमास को राजनीति में आने की मंजूरी दे दी है. अब तक अमेरिका की कोशिश हमास के लड़ाकों को फिलिस्तीन से दूर करने की थी.

स्काई न्यूज अरबिया के मुताबिक अमेरिका और हमास के बीच जो डील हुई है, उसमें चरणबद्ध तरीके से हमास के लड़ाके अपना हथियार जमा करेंगे. इसके बाद हमास के सभी लड़ाके सियासत में आ सकेंगे.

कतर और मिस्र की शुरू से यह कोशिश रही है कि हमास को फिलिस्तीन में स्थापित कर दी जाए. दोनों ही देश लगातार इसके लिए पैरवी में जुटा था. कतर और मिस्र का कहना था कि अगर हमास को यहां से बाहर किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है. हमास की स्थापना ही फिलिस्तीन के लोगों की रक्षा के लिए की गई थी. हमास लंबे वक्त से फिलिस्तीन के लिए इजराइल से लड़ रहा है. अब तक हमास ही फिलिस्तीन का पूरा सिस्टम चला रहा है.

हमास को सत्ता में लाने की स्क्रिप्ट भी अरब देशों में लिखी जा रही है. इसी मकसद के तहत आने वाले दिनों में हमास के भीतर चुनाव कराने की योजना है. 2024 में इस्माइल हानिया की मृत्यु के बाद से ही हमास का प्रमुख पद रिक्त है. हमास अब इसे चुनाव के जरिए भरने की तैयारी में है.

Gaza Peace Deal – दरअसल, हमास चुनाव कराकर यह बताना चाहता है कि जनता के बीच अभी भी उसकी पकड़ मजबूत है. अरब मीडिया के मुताबिक अल हय्या को हमास का नया प्रमुख चुना जा सकता है. हमास से समझौता कराने में हय्या ही सबसे आगे थे.

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