फ्रांस में आग धधक रही है और विरोध-प्रदर्शन अब देशव्यापी हिंसक घटनाओं में पूरी तरह बदल चुके हैं. इस बीच राजधानी पेरिस सहित कई प्रमुख इलाकों में कड़ा कर्फ्यू लगाना पड़ा है. इन हिंसक प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को आड़े हाथ लिया है और तीखा दावा करते हुए कहा है कि पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा. उन्होंने देशभर में फैली इस भारी हिंसा के लिए सीधे तौर पर आप्रवासन (इमिग्रेशन) की (Donald Trump Statement On France Riots) नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है.
2400 से ज्यादा गिरफ्तारियां और 3000 बिजनेस को नुकसान
ट्रंप की यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले सप्ताह के अंत में हुए भयानक दंगों के बाद फ्रांसीसी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है. इन दंगों के दौरान देश भर के सिटी हॉलों, सार्वजनिक इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया था. इस हिंसा में अब तक कम से कम 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 3,000 व्यापारिक प्रतिष्ठानों को या तो भारी नुकसान पहुँचा है या उनमें बड़े पैमाने पर लूटपाट की गई है. बिगड़ते हालातों के बीच पेरिस पुलिस ने राजधानी के प्लेस डे ला रिपब्लिक और लेस हालेस शॉपिंग डिस्ट्रिक्ट इलाके में सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक का कर्फ्यू लगा दिया है.
नेशनल रैली ने सरकार को घेरा
राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री नुनेज को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे खुफिया जानकारी जुटाने और योजना बनाने में रही कमियों के मामले में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करें तथा पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए नई नीतियाँ लागू करें. खुद नुनेज ने भी यह स्वीकार किया है कि कुछ बड़े शहरों में स्थिति पर से अधिकारियों का नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया था, और (Donald Trump Statement On France Riots) तबाही के इस बड़े पैमाने ने पुलिस एक्शन में मौजूद गंभीर कमियों को उजागर कर दिया है.


