बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े मामलों में पिछले 25 साल से फरार चल रहे आरोपी सत्येंद्र कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई के तहत दबोच लिया है। सीबीआई की टीम ने नेपाल से लेकर भारत तक उसकी हर गतिविधि पर बारीक नजर बनाए रखी थी। आखिरकार, मध्य प्रदेश के गुना से लखनऊ आ रही एक ट्रेन (Fodder Scam Case) में सफर के दौरान उसे लखनऊ रेलवे स्टेशन पर धर दबोचा गया।
न्यायालयीन मुकदमों की सुनवाई के दौरान लगातार पेश न होने की वजह से आरोपी सत्येंद्र कुमार को बहुत पहले भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। सीबीआई के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2001 में चारा घोटाले के इस मामले में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल होने के बाद से ही वह भूमिगत हो गया था और पिछले ढाई दशकों से कानून की पकड़ से दूर था। अदालत की ओर से उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था।
Fodder Scam Case – सीबीआई के सतर्क जांचकर्ताओं ने भौतिक निगरानी, आधुनिक तकनीकी सर्विलांस और पुख्ता खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल कर सत्येंद्र कुमार की सुरागकशी की। लंबी तलाश के बाद यह पुख्ता जानकारी हाथ लगी कि वह नेपाल में छिपा हुआ है और हाल ही में उसने अवैध या गुप्त तरीके से भारत की सीमा में प्रवेश किया है।
क्या है बहुचर्चित चारा घोटाला?
गौरतलब है कि चारा घोटाला देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में शुमार है। साल 1985 से 1995 के बीच तत्कालीन संयुक्त बिहार के विभिन्न जिलों में सरकारी खजाने से फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी। इस पूरे प्रकरण में कुल 64 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 53 मामलों की सुनवाई रांची की विशेष अदालतों में हुई। इस घोटाले के मामलों में आरजेडी प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत कई लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है।


