फरीदाबाद : फरीदाबाद के सेक्टर-31 थाना क्षेत्र में 31 अगस्त की रात मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश की नृशंस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 27 दिन बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले का खुलासा (Faridabad Priest Murder Case) करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
Faridabad Priest Murder Case – पुलिस जांच के अनुसार, मंदिर के निकट बैठकर नशा करने से मना करने पर आरोपियों का पुजारी के साथ तीखा विवाद हो गया था। इस दौरान नशे की हालत में एक आरोपी ने पास में रखा सिलबट्टे का भारी पत्थर उठाकर पुजारी के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। गंभीर चोट लगने की वजह से पुजारी ओमप्रकाश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
दोनों आरोपी ऑटो चालक
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि गिरफ्तार पहला आरोपी 23 वर्षीय आसिफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का निवासी है। वह वर्तमान में ओल्ड फरीदाबाद इलाके में रहकर ऑटो चलाने का कार्य करता था। दूसरा गिरफ्तार आरोपी 34 वर्षीय आसिफ उर्फ कालिया है, जो मूलतः राजस्थान का रहने वाला है और फिलहाल ओल्ड कॉलोनी क्षेत्र में रहता था। वह भी पेशे से ऑटो चालक है।
घटनास्थल पर मौजूद थे 4 लोग
पुलिस के अनुसार वारदात के वक्त मौके पर कुल चार लोग मौजूद थे, लेकिन पुजारी की हत्या में सीधे तौर पर इन दोनों आरोपियों की ही मुख्य भूमिका सामने आई है। पुलिस मौके पर मौजूद रहे बाकी दो अन्य व्यक्तियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।


