शहडोल : इसे कहते हैं जहां चाह वहां राह. शहडोल जिला भले ही आदिवासी बहुल्य इलाका है, लेकिन अब यहां के आदिवासी युवा भी कमाल कर रहे हैं. अपने मन मुताबिक अपना करियर बना रहे हैं और लाखों रुपए कमा कर लखपति बन रहे हैं. आज बात एक ऐसे ही किसान की जो तीन मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी (earning in lakhs) की तलाश में नहीं गया बल्कि जंगल में हाईटेक हॉर्टिकल्चर को अपनाकर लाखों रुपए कमाने वाला एक अच्छा मॉडल बना दिया.
शहडोल जिले के टेंघा गांव के रहने वाले हैं पारसमणी सिंह, जिनकी उम्र 36 साल है और इन्होंने एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन मास्टर डिग्री भी हासिल की हैं. ये अभी भी पढ़ाई कर रहे हैं. अब एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई कर ही रहे और इस पर वो मुस्कुराते हुए कहते हैं की डिग्री लेते रहनी चाहिए, पढ़ाई व्यर्थ नहीं जाती.
पारसमणी सिंह कहते हैं कि उन्हें इस बात की बड़ी खुशी होती है कि उन्होंने 25 से 30 लोगों को नौकरी भी दे रखी है, क्योंकि उनके इस खेती के मॉडल में काम करने वाले लोग ही इतने लग जाते हैं. पारसमणी कहते हैं कि वैसे तो उनके पास पर्याप्त जमीन है लेकिन अभी वो 15 से 20 एकड़ में व्यावसायिक खेती कर रहे हैं. जिससे वो सालाना 20 से 25 लाख का कारोबार करते हैं. सब कुछ खर्च और लेबर चार्ज छोड़ दें तो साल भर में 10 से 15 लख रुपए कमा भी लेते हैं.
earning in lakhs – पारसमणी सिंह कहते हैं कि वो हर तरह की सब्जियों की खेती करते हैं. टमाटर, शिमला मिर्च, बैगन, खीरा, भिंडी, बरबटी, गोभी, लौकी, तरोई, कद्दू, नींबू के भी कुछ पेड़ लगा रखे हैं. इसके अलावा उन्होंने सब्जियों की फसल के शुरुआत में ही गेंदा का फूल भी लगा रखा है, जिससे दोहरा फायदा भी मिलता है. गेंदा का फूल भी बेच लेते हैं, और ये कीटों को कंट्रोल करने में भी मदद करता है.
