भोपाल : मध्य प्रदेश की विधानसभा में बुधवार को 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश होते ही मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. एक ओर सत्ता पक्ष इसे अब तक का सबसे बड़ा और विकसित (MP Budget 2047) प्रदेश 2047 के विजन की दिशा में निर्णायक कदम बता रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे गुब्बारा बजट और आंकड़ेबाजी बता रहा है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया समग्र विकास का ऐतिहासिक बजट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि “वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत 4.38 लाख करोड़ रुपये का यह बजट प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप है. पिछले दो वर्षों में प्रति व्यक्ति आय 1.41 लाख रुपये से बढ़कर 1.69 लाख रुपये हो गई है, जो 19.25 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है. बजट में एक लाख सोलर पंप, एक लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती, फसल बीमा के लिए 1,300 करोड़ रुपये और लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.”

ठग, गुब्बारा और धांधलियों का बजट – जीतू पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बजट को ठग, गुब्बारा और धांधलियों का बजट करार देते हुए कहा कि “सरकार 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के राजकोषीय घाटे के बावजूद बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है. जब खजाना खाली है तो योजनाओं के लिए संसाधन कहां से आएंगे.” पटवारी ने आरोप लगाया है कि सरकार (MP Budget 2047) कर्ज पर कर्ज ले रही है, बजट का पूरा खर्च भी नहीं हो पाता और पेट्रोल-डीजल-एलपीजी पर जनता की जेब खाली कराई जा रही है. उन्होंने कृषि वर्ष घोषित करने के बावजूद धान-गेहूं पर स्पष्ट प्रावधान न होने और सिंहस्थ जैसे आयोजनों में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया.

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