गुरदासपुर : गुरदासपुर में लंबे समय से जारी सफाई कर्मचारियों की (dispute in Gurdaspur) हड़ताल समाप्त होने के उपरांत शहर में एकत्रित कूड़े-कचरे को उठाने का कार्य त्वरित गति से प्रारंभ किया गया है।
dispute in Gurdaspur – इसी बीच शहर का कूड़ा सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में ले जाकर डंप करने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। जैसे ही कूड़े से भरे प्राशासनिक वाहन सीमावर्ती गांवों की ओर पहुंचे, स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया तथा अनेक गाड़ियों को रास्ते में ही रोककर खड़ा कर दिया।
गांवों में कूड़ा फेंकने से फैलेगी बदबू और गंभीर बीमारियां
आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि नगर परिषद व प्रशासन द्वारा शहरों में एकत्रित कूड़े के विशाल ढेरों को ट्रकों में भरकर गांवों की सीमाओं के समीप डंप किया जा रहा है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि इसी प्रकार ग्रामीण बस्तियों के निकट कचरा फेंका जाता रहा, तो संपूर्ण क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित हो जाएगा और जनस्वास्थ्य पर इसका प्रत्यक्ष व गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने अंदेशा व्यक्त किया कि खुले में डंप किए जा रहे इस कचरे से भयंकर दुर्गंध, वायु प्रदूषण और कई तरह की संक्रामक बीमारियों के फैलने का प्रत्यक्ष जोखिम उत्पन्न हो गया है।


