पलामू (झारखंड): पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बजराहा इलाके में गुरुवार को पुलिस और खूंखार अपराधी सुमित चंद्रवंशी के बीच हुई भीषण मुठभेड़ के मामले में विधिक कार्रवाई तेज हो गई है।
मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल सुमित चंद्रवंशी को इलाज हेतु मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) में भर्ती कराया गया है। एनकाउंटर प्रकरण में मेदिनीनगर टाउन थाना के सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर सदर थाना में आरोपी सुमित चंद्रवंशी के विरुद्ध प्राथमिक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
📜 एफआईआर नंबर 89/2026 दर्ज, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी कर रहे हैं मामले की छानबीन
सदर थाना में दर्ज एफआईआर संख्या 89/2026 के अंतर्गत आरोपी सुमित चंद्रवंशी के विरुद्ध विधि-विरुद्ध कृत्य, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला तथा सरकारी हथियार छीनने जैसी 11 अलग-अलग गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
इस संवेदनशील मुकदमे का अनुसंधान (Investigation) सदर थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अफजल अंसारी द्वारा किया जा रहा है। थाना प्रभारी अफजल अंसारी ने बताया कि फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने हेतु घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और मामले की गहनता से पड़ताल जारी है।
🔫 पुलिस कस्टडी से पिस्टल छीनकर चलाई थी गोली, जानें बजराहा एनकाउंटर की पूरी कहानी
उल्लेखनीय है कि पलामू के टाउन थाना क्षेत्र स्थित अग्रसेन भवन के सामने बीते 29 जुलाई को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस गहन तफ्तीश कर रही थी।
इसी क्रम में गुरुवार को सटीक गुप्त सूचना मिली कि आरोपी सुमित चंद्रवंशी निमिया इलाके में छिपा है, जहां से पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त हथियार बिस्फुटा से आगे रेलवे लाइन के पास छिपाया गया है। जब पुलिस उसे रिकवरी हेतु मौके पर ले गई, तो उसने चालाकी से पुलिस सब-इंस्पेक्टर का सरकारी हथियार छीनकर पुलिस टीम पर ही फायरिंग झोंक दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सुमित के पैर में गोली लगी, जिसके बाद जवानों ने मानवीयता दिखाते हुए अपने गमछे से उसका खून रोका और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
💥 क्या थी 29 जुलाई को मेदिनीनगर में हुई अग्रसेन भवन फायरिंग की घटना?
29 जुलाई को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के अग्रसेन भवन के समीप दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना घटित हुई थी।
इस घटना में दिनेश कुमार तथा रामगढ़ (पतरातू) निवासी निखिल कुमार गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में सूरज चंद्रवंशी के लिखित आवेदन पर लकी पासवान, सुमित चंद्रवंशी, आनंद रवि, अनुराग चंद्रवंशी, जरार खां सहित साजिश रचने के आरोप में शरियार अली, इमरान कुरैशी, हैदर और हिकमत यार अली के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


