चंडीगढ़: संसद के उच्च सदन राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान सांसद संजय भाटिया ने गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सर्किट बेंच (Circuit Bench) स्थापित करने की पुरजोर और जोरदार मांग उठाई।

उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण हरियाणा के लाखों नागरिकों को अपने कानूनी मामलों व न्याय के लिए हर बार सैकड़ों किलोमीटर दूर चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है। इससे आम जनता के समय और धन दोनों की भारी अतिरिक्त लागत आती है। ऐसे में गुरुग्राम में हाईकोर्ट की सर्किट बेंच की स्थापना से पूरी न्यायिक व्यवस्था अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

🏙️ औद्योगिक और आईटी हब है गुरुग्राम, लगातार बढ़ रहे हैं कॉरपोरेट व भूमि से जुड़े कानूनी मामले

सांसद संजय भाटिया ने कहा कि गुरुग्राम आज देश के प्रमुख औद्योगिक, कॉरपोरेट और आईटी (IT) केंद्रों में अग्रणी स्थान रखता है।

यहां वाणिज्यिक विवादों, मध्यस्थता मामलों, श्रम विवादों, भूमि अधिग्रहण, कर (Tax) विवादों और अन्य जटिल कानूनी मामलों की संख्या में लगातार भारी बढ़ोतरी हो रही है। इस बढ़ती मुकदमेबाजी को देखते हुए गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सर्किट बेंच स्थापित करना समय की सबसे बड़ी मांग और आवश्यकता बन चुकी है।

🏢 ‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ है आधुनिक सुविधाओं से लैस, डिजिटल व ई-कोर्ट्स के संचालन के लिए है पूरी तरह तैयार

उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि हाल ही में गुरुग्राम में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विशाल ‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ (Tower of Justice) विकसित किया गया है।

इस आधुनिक परिसर में डिजिटल कोर्ट्स और ई-कोर्ट्स (e-Courts) जैसी सभी अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं पहले से ही उपलब्ध हैं। यह पूरा आधारभूत ढांचा (Infra) हाईकोर्ट की सर्किट बेंच के सुचारू संचालन के लिए एक अत्यंत उपयुक्त और तैयार आधार साबित हो सकता है।

⚖️ संविधान के अनुच्छेद 39A और 21 का दिया हवाला: “सुलभ और त्वरित न्याय हर नागरिक का अधिकार”

सांसद ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39ए (अनुच्छेद 39A – नि:शुल्क एवं सुलभ न्याय) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का विशेष रूप से उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना राज्य की प्राथमिक संवैधानिक जिम्मेदारी है। न्यायिक संस्थाओं और अदालतों का विकेंद्रीकरण (Decentralization) इस दिशा में एक अत्यंत क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

💼 लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी, क्षेत्र में उद्योग, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

संजय भाटिया ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह हरियाणा सरकार, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और संबंधित विभागों के साथ तुरंत समन्वय स्थापित करे।

उन्होंने गुरुग्राम में सर्किट बेंच की स्थापना के लिए शीघ्र अति शीघ्र एक व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि इस ऐतिहासिक कदम से न केवल वर्षों से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि इस क्षेत्र में विदेशी निवेश, उद्योग और नए रोजगार के अवसरों को भी एक नई दिशा मिलेगी।

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