दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पूर्व उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने पर उठे सवालों के बाद सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्थिति साफ कर दी है. सीईओ ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का कतई यह मतलब नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटा दिया गया है. पुराने एसआईआर से मैपिंग न होने या तार्किक (Delhi Voter List News) विसंगतियों के चलते केवल नोटिस देकर मतदाताओं को सुधार का मौका दिया गया है.

Delhi Voter List News -मतदाताओं की सुविधा के लिए 27 सितंबर (रविवार) को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सभी पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां लोग अपने नोटिस का निस्तारण करा सकेंगे. इसके अलावा, दिल्ली में बड़ी संख्या में बेघर नागरिकों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स के लिए 23 और 24 सितंबर को डूसिब के नाइट शेल्टरों में शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे.  नोटिस के निपटारे के लिए 29 अक्टूबर तक का समय तय किया गया है, जबकि 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी.

 बिना सुनवाई के नहीं हटाया जा सकता किसी का नाम

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई का अवसर दिए और उचित प्रक्रिया के बिना सूची से नहीं हटाया जा सकता. वहीं, आम आदमी पार्टी द्वारा मंत्रियों के नाम उनके मूल निवास क्षेत्र में होने पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित हस्तियों के नाम पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ड्राफ्ट रोल में शामिल किए गए हैं.

 

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