राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार ने दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है. इस नीति का उद्देश्य दिल्ली को सेमीकंडक्टर डिजाइन, उन्नत अनुसंधान एवं विकास तथा असेंबली गतिविधियों के लिए एक सक्षम केंद्र के रूप में विकसित करना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह पहल राजधानी में (Delhi Semiconductor Policy) उच्च मूल्य वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
Delhi Semiconductor Policy – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है और दिल्ली सरकार इसके संतुलित एवं व्यवस्थित विकास के लिए एक समग्र नीति ढांचा तैयार कर रही है.
इसे भी पढ़ें – रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपियों को झटका, ट्रायल पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार; पूछा- ‘दिल्ली में क्या कर रहे थे?’
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रस्तावित नीति पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिनमें सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा विकास, अनुसंधान, विकास और नवाचार, विनिर्माण को सक्षम बनाने वाली गतिविधियां जैसे असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओएसएटी) के साथ सहायक उद्योगों का विकास, टैलेंट डेवलपमेंट एवं स्किलिंग, तथा स्टार्टअप और औद्योगिक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना शामिल है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर अनुसंधान और उन्नत पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित करेगी. इसके साथ ही लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंटर्नशिप और उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी के माध्यम से कौशल विकास को प्रोत्साहन दिया जाएगा.


