दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली बहुप्रतीक्षित ‘यूजीसी रोलबैक सवर्ण महापंचायत’ को फिलहाल टाल दिया गया है। यह बड़ा फैसला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और क्षत्रिय करणी सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत (mahapanchayat postponed) एवं उनके प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई सकारात्मक मुलाकात के बाद लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया, बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का पूरा भरोसा दिलाया है।
यह महत्वपूर्ण बैठक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आधिकारिक आवास पर आयोजित की गई थी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए जानकारी दी कि सरकार अगले तीन हफ्तों के भीतर प्रतिनिधिमंडल के साथ एक और बैठक करेगी, ताकि उठाए गए मुद्दों पर आगे की ठोस चर्चा की जा सके।
दिल्ली पुलिस से नहीं मिली थी अनुमति
जंतर-मंतर पर इस प्रस्तावित प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य आरक्षण नीतियों और (mahapanchayat postponed) हाल ही में अधिसूचित यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को लेकर अपनी चिंताएं सरकार के समक्ष रखना था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने 20 सितंबर को इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और दिल्ली हाई कोर्ट ने भी तुरंत सुनवाई से मना कर दिया था। अब सरकार के आश्वासन के बाद करणी सेना ने फिलहाल महापंचायत को टालने का निर्णय लिया है।
