भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अवैध धर्मांतरण का एक गंभीर मामला सामने आया है. श्रीकरणपुर कस्बे में किराए के मकान में कथित तौर पर लोगों को (conspiracy of conversion) पैसों का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने के आरोप लगे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.
गुरुवार रात 18 दिसंबर 2025 को श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार के पीछे वार्ड नंबर-22 में एक भवन में प्रार्थना सभा के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं. भवन पर JW-ORG लिखा हुआ बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों को जब यहां असामान्य हलचल दिखी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी.
बताया गया कि गुरुद्वारे के पास पहले से कई गाड़ियां खड़ी थीं. इनमें यूपी नंबर की गाड़ी में सवार दो विदेशी नागरिक मौजूद थे, जिनके जर्मनी के रहने वाले होने की जानकारी सामने आई. इसके अलावा केरल नंबर की गाड़ी और राजस्थान नंबर की गाड़ी से भी कई लोग वहां पहुंचे हुए थे.
आरोप है कि भवन के अंदर प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया गया और कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं व गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था. इस गतिविधि में शामिल लोगों के नाम बलजिंदर सिंह खोसा, केरल निवासी मैथ्यू और उसकी पत्नी मारिया, कर्नाटक निवासी संतोष वर्गीसी और राजेश कंबोज उर्फ पोपी बताए जा रहे हैं.
conspiracy of conversion – पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए जर्मनी के स्वैन बॉज बेट जलेर और उनकी पत्नी सैंड्रा समेत कुल छह लोगों को हिरासत में ले लिया. हिरासत के बाद चर्च परिसर और थाने के बाहर बड़ी संख्या में हिंदू और सिख संगठनों के लोग जमा हो गए. स्थिति को संभालने के लिए सीओ पुष्पेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.
