पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान से मंगलवार को उनकी बहन उज्मा खान ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में मुलाकात की. करीब 20 मिनट की इस भेंट के बाद एक ओर (changed stance after meeting) उज्मा ने दावा किया कि इमरान खान ठीक हैं.

changed stance after meeting – ये मुलाकात दोनों की ऐसे समय में हुई जब इमरान खान की मौत की खबरों को लेकर चर्चाओं और अफवाहों का दौर शुरू हो गया था. वहीं दूसरी ओर खुद इमरान खान ने अपनी बहन से मिलने के बाद सोशल मीडिया साइट X पर बयान जारी कर बड़े राजनीतिक फैसले और तीखे आरोपों की झड़ी लगा दी है.

लिए दो बड़े फैसले

1. PTI के अंदर दोहरा खेल खेलने वालों को बर्दाश्त नहीं करूंगा: जेल से मिले संदेश में इमरान खान ने PTI नेताओं के NDU (नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी) वर्कशॉप में जाने को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने लिखा कि हम हर तरह की मुश्किलें झेल रहे हैं और कुछ लोग उन्हीं के साथ रिश्ते बढ़ा रहे हैं जो हम पर जुल्म कर रहे हैं. ये बेहद दुख देता है. इमरान ने ऐसे नेताओं को PTI के मीर जाफर-मीर सादिक तक कह डाला.

2. PTI की राजनीतिक समिति भंग, नए चेहरों को जिम्मेदारी: इमरान खान ने बड़ा फैसला लेते हुए PTI की राजनीतिक समिति भंग कर दी. पार्टी के महासचिव सलमान अकमर राजा को नई शॉर्ट-टर्म कमेटी बनाने की पूरी छूट दे दी है. उन्होंने शाहिद खट्टक को नेशनल असेंबली में PTI का संसदीय नेता भी नामित किया.

खैबर में गवर्नर रूल की धमकी पर इमरान की चुनौती

खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लगाने की चर्चाओं पर इमरान ने खुली चुनौती दी. उन्होंने कहा कि जो लोग गवर्नर रूल की धमकी दे रहे हैं वे उसे आज ही लगा दें फिर देखेंगे क्या होता है. कुछ दिन पहले पाकिस्तान सरकार के मंत्री बरिस्टर अकील मलिक ने कहा था कि KP में सुरक्षा और गवर्नेंस की हालत इतनी ख़राब है कि मामला गवर्नर रूल की तरफ बढ़ रहा है.

 

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