पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और पूर्व PWD मंत्री रजिया सुल्ताना के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पहले अकील अख्तर की मौत दवाइयों की (fir lodged against 4 members) ओवरडोज की वजह से हुई बताई गई. इसके बाद उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने ही परिवार वालों पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था. अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भी अकील अख्तर की हत्या के मामले में 6 नवंबर 2025 को एफआईआर दर्ज कर ली है.
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अकील अख्तर की मौत 16 अक्टूबर 2025 को हुई थी. शुरुआती जांच में यह मामला संदिग्ध पाया गया. बताया गया कि परिवार के सदस्यों के बीच लंबे समय से आपसी तनाव चल रहा था. 27 अगस्त को अकील अख्तर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया था कि उनके पिता के उनकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी मां, बहन और पूरा परिवार मिलकर उन्हें या तो मारना चाहते हैं या किसी झूठे मामले में फंसाना चाहते हैं.
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fir lodged against 4 members – इस घटना के बाद, हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की, जो पहले एफआईआर नंबर 131 दिनांक 20 अक्टूबर 2025 के तहत पुलिस थाना मांसा देवी कॉम्प्लेक्स, जिला पंचकुला में दर्ज हुई थी. केंद्र सरकार की अधिसूचना (DoPT) के बाद CBI ने औपचारिक रूप से FIR दर्ज की है, जिसमें बीएनएस 2023 की धारा 103(1) और 61 के तहत आरोप लगाए गए हैं.
