धार्मिक

नवरात्रि के इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और खास भोग लगाने से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.  

सनातन धर्म में हिंदू नववर्ष बहुत विशेष माना जाता है. हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है.

दर्श अमावस्या को पौष या माघ मास की अमावस्या भी कहा जाता है. इस दिन पितरों को याद कर उनका तर्पण और श्राद्ध करने की परंपरा है.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की है.

हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है.

पंचांग के अनुसार, साल में कुछ ऐसे समय आते हैं जब मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है.

Mark On Feet Sole:  हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के हाथों की लकीरों से उसका भविष्य और स्वभाव के बारे में पता किया जा सकता है.

चैत्र का महीना चल रहा है. इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इन्हीं में शामिल है पापमोचनी एकादशी का व्रत.

हिंदू धर्म में कई ऐसे पर्व होते हैं जिनका संबंध सीधे तौर पर लोक परंपराओं और आस्था से जुड़ा होता है. शीतला अष्टमी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है

Surya Grahan: सूर्य ग्रहण धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है, लेकिन खगोल विज्ञान के अनुसाार, ये एक दुर्लभ घटना मानी जाती है.