अहोई अष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना जाता है. अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं.
धार्मिक
शादीशुदा जोड़ों को लिए करवा चौथ का दिन बहुत विशेष होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं.
मां बगलामुखी के वस्त्र से लेकर हर पूजा सामग्री तक, सब कुछ पीला होता है. उन्हें पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है.
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में शंख को बहुत ही पवित्र और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, शंखनाद से वातावरण शुद्ध होता है.
हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है और इस वर्ष करवा चौथ 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा.
कार्तिक मास में दीपावाली, धनतेरस, छठ पूजा, करवा चौथ, गोवर्धन पूजा जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं.
Sharad Purnima 2025 : साल 2025 में शरद पूर्णिमा का पर्व 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाया जाएगा. इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है.
देवी भागवत और पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि कन्याओं के साथ लंगूर को पूजन में शामिल करने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, 2025 में कार्तिक मास 8 अक्टूबर, बुधवार से शुरू होकर 5 नवंबर, बुधवार तक रहेगा.
भगवान शिव के इस दुख को कम करने के लिए, भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से देवी सती के शरीर के 51 टुकड़े कर दिए, जो विभिन्न स्थानों पर गिरे.

