नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन देर रात एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। राष्ट्रपति पुतिन यहां आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) में सहभागिता करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में भाग लेंगे। पुतिन के आगमन से पूर्व रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भी भारत पहुंच चुके हैं। क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन आज शुक्रवार को वार्षिक ब्रिक्स व्यापार मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे, जो पारंपरिक रूप से मुख्य शिखर सम्मेलन से पूर्व उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों के मध्य संवाद का प्रमुख मंच है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक
राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें (BRICS Summit 2026) सामरिक, ऊर्जा और व्यापारिक प्राथमिकताओं पर विमर्श होगा। दोनों नेता भारत और रूस के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित औद्योगिक तकनीकी प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम इंडिया’ का दौरा करेंगे। ब्रिक्स नेताओं का मुख्य सम्मेलन 12 सितंबर से प्रारंभ होगा, जिसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग भी होंगे शामिल
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शी जिनफिंग की यात्रा: चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग भी ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करने भारत आ रहे हैं, जो पिछले 7 वर्षों में उनका पहला भारत दौरा है।
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द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को शी जिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह बातचीत ऐसे दौर में हो रही है जब दोनों देश व्यापारिक संबंधों और सीमा सुरक्षा को लेकर निरंतर कूटनीतिक संवाद में हैं।
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कूटनीतिक पृष्ठभूमि: जिनफिंग का यह दौरा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई विशेष प्रतिनिधि स्तर की चर्चाओं के उपरांत हो रहा है, विशेषकर तब जब अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौतियां चर्चा में रही हैं।
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