महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपए महिलाओं को देने का ऐलान आने वाले दूसरे राज्यों के चुनावों में भी हो सकता है. मौजूदा समय में बीजेपी की नलर वेस्ट बंगाल की राजनीति पर है. जिसका (all eyes on Bengal) पिछले विधानसभा चुनावों में काफी अच्छा प्रदर्शन जरूर था, लेकिन सत्ता से दूर थी. बंगाल की सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी महिला रोजगार योजना का ऐलान कर सकती है.

बीजेपी की इस योजना को टीएमसी सरकार की योजनाओं से टकराना पड़ सकता है. वेस्ट बंगाल में काफी समय से महिलाओं को लड़कियों के लिए तीन योजनाएं चल रही हैं. जिनके तहत पैसा सीधे अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है. ये स्कीम्स खासकर गरीब महिलाओं को परिवारों के लिए हैं. जिसमें कन्याश्री प्रकल्प, रूपाश्री प्रकल्प और लक्ष्मी भंडार शामिल हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ये तीनों स्कीम्स क्या हैं? इन स्कीम्स के तहत महिलाओं या लड़कियों के अकाउंट में कितना पैसा जाता है.

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वेस्ट बंगाल की ममता सरकार ने साल 2013 में इस स्कीम की शुरुआत की थी. पहले इस स्कीम की शुरुआत लड़कियों की प्राइमरी और सेकंडरी एजुकेशन में मदद करने के लिए की गई थी. जिसके बाद इस स्कीम को ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट तक बढ़ा दिया गया. वैसे इस स्कीम को लाने का एक और उद्देश्य ये भी था कि बंगाल में बाल विवाही को रोका जाए.

all eyes on Bengal – रूपाश्री प्रकल्प योजना को बंगाल सरकार ने सदन में 2018-19 के बजट में रखा और पास करा कराया गया. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए रूपश्री प्रकल्प योजना शुरू की हुई है. इस योजना के तहत, सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के समय 25,000 रुपए की एकमुश्त वित्तीय सहायता देती है.

 

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