मुफ्त चीजों को लेकर शुरू हुई बहस थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और बीजेपी लगातार इस मुद्दे को लेकर (BJP On Kejriwal Govt) आमने-सामने हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को बीजेपी प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने मुफ्त चीजों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपनी महत्वकांक्षा की पूर्ति के लिए दिल्ली के सीएम झूठ परोस रहे हैं।
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इस दौरान पात्रा ने मुफ्त चीजें और वेलफेयर स्कीम के बीच का अंतर बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए काम करना ‘वेलफेयर स्कीम’ कहलाता है। वहीं मुफ्त का मतलब अल्पकालिक लाभ है। इससे सिर्फ अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को फायदा हुआ है। केजरीवाल ने एक योजना पर लगभग 19.50 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें दिल्ली सरकार ने दो लोगों को ऋण दिया, जो कि केवल 20 लाख रुपए था।
BJP On Kejriwal Govt – बीजेपी नेता ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली के सीएम ने दावा किया है कि कॉरपोरेट्स पर एहसान किया जा रहा है। हम उसके आंकड़े देते हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में 6.63 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021-22 में महामारी के बावजूद 7.1 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स वसूला गया। केजरीवाल जी ऐसी एक्टिंग करते हैं कि उन्हें सबकी चिंता है। जबकि उन्हें मैं, मेरा और मेरी पार्टी की चिंता है। वहीं बीजेपी और मोदी सरकार की चिता गरीब और गरीब कल्याण है।
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विज्ञापन करने में केजरीवाल से आगे कोई नहीं जा सकता। टीवी पर पूरे दिन गंभीर चेहरा बनाकर दिखते हैं। 2015 में दिल्ली सरकार एक योजना लेकर आई जिसके तहत छात्रों को बिना गारंटी लोन दिया जाना था। इस योजना के तहत दो छात्रों को लोन मिला जबकि 89 ने अप्लाई किया था। वहीं इसके विज्ञापन पर 19 करोड़ 50 लाख खर्च किए गए। वो हमेशा झुनझुना दिखाते रहते हैं। उनका सरकार झुनझुने पर चल रही है। किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए दिल्ली में एक केमिकल का छिड़काव किया गया। 60 लाख के केमिकल पर 24 करोड़ रुपए का विज्ञापन किया।

