बीजापुर : गांव चलो बस्ती चलो अभियान 2026 के तहत पूर्व मंत्री महेश गागड़ा गुरुवार को इंद्रावती नेशनल पार्क के साकमेटा पहुंचे. यहां पूर्व मंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठक की. गांव चलो बस्ती चलो अभियान के दौरान ग्रामीणों ने खुल कर अपनी समस्याओं को पूर्व मंत्री के सामने रखा और नक्सल मुक्त होने पर खुशी जाहिर की. ग्रामीणों (gaon chalo basti chalo campaign started) ने अपने क्षेत्र में विकास को लेकर महेश गागड़ा से बात की.
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कभी लाल आतंक के साये में डूबा यह इलाका, जहां हर कदम डर के साथ उठता था, अब उम्मीद की नई कहानी लिख रहा है. यही वह क्षेत्र है, जहां माओवादी के खिलाफ सबसे कठिन और निर्णायक लड़ाई लड़ी गई. इसी जंगल से माओवादियों का अंतिम SZC लीडर पापा राव बाहर आया और 31 मार्च 2026 के बाद हालात में बड़ा बदलाव देखने को मिला.
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gaon chalo basti chalo campaign started – करीब 2200 वर्ग किलोमीटर का यह इलाका 2007 के बाद से पूरी तरह नक्सल प्रभाव में था, जहां किसी भी जनप्रतिनिधि का प्रवेश संभव नहीं था.लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. नक्सल मुक्त के बाद अब ग्रामीण निर्भीक होकर एक जगह से दूसरे जगह आना जाना कर रहे हैं. करीब दो दशक बाद पूर्व मंत्री महेश गागड़ा इस क्षेत्र में पहुंचे. उनके दौरे ने उस खामोशी को तोड़ा, जो वर्षों से इस इलाके पर छाई हुई थी. जिन रास्तों पर कभी सन्नाटा और खौफ था, वहां अब लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं.


