आर्थिक तंगी से जूझ रही हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने विभिन्न अथॉरिटीज को दिए गए कैबिनेट रैंक के दर्जे को वापस लेने का निर्णय लिया है. बुधवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता (big surgical strike) ने इसकी जानकारी दी है. प्रदेश सरकार के इस फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट रैंक वापस लेने की हालिया प्रक्रिया महज जनता की आंखों में धूल झोंकने का एक असफल प्रयास है.

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राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न प्राधिकरणों को दिए गए कैबिनेट रैंक के दर्जे को वापस लेने का निर्णय लिया है. इसमें बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाईस चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन, प्रधान सलाहकार और राजनीतिक सलाहकार शामिल हैं. सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के तहत लिया गया है. इस निर्णय के साथ ही इन पदों को दिए गए कैबिनेट रैंक से संबंधित सभी प्रावधान तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं.

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big surgical strike – उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों के वेतन और मासिक भत्तों का 20 प्रतिशत हिस्सा 30 सितंबर, 2026 तक स्थगित रहेगा. प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि इस निर्णय को शीघ्रता से लागू किया जा सके और उनके अधीन सभी विभागों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.

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